द पॉलिटिक्स अगेन
सपा बसपा के कुछ सीटों पर बदलना संभव

लखनऊ. सक्रिय राजनीति में कदम रख कांग्रेस में जान फूंकने की कोशिश कर रहीं प्रियंका गांधी की भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण से मुलाकात के बाद सपा बसपा की तल्खी बढ़ती जा रही है। अखिलेश और मायावती की हुई ताजा मुलाकात के बाद इसके संकेत मिलने लगे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो से मुलाकात कर प्रदेश के सियासी हालात पर चर्चा चुनावी सरगर्मी को बढ़ा दिया है। उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए संयुक्त रैलियों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। होली के बाद दोनों नेताओं की संयुक्त रैलियों की शुरुआत की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक 6 अप्रैल के बाद इस रैली की शुरुआत की जाएगी। वहीं दोनों दलों में गठबंधन के बाद अब उनके झंडे भी एक हो गए हैं। बैठक के दौरान कांग्रेस के प्रति तल्खी दिखाई पड़ी। हालांकि, अभी कोई फैसला नहीं हुआ है लेकिन ऐसे संकेत हैं कि रायबरेली व अमेठी सीट पर भी गठबंधन अपने उम्मीदवार उतार सकता है। मायावती इस बात से भी नाराज हैं कि प्रियंका गांधी वाड्रा मेरठ के अस्पताल में भर्ती भीम आर्मी के अध्यक्ष चन्द्रशेखर से मिलने गईं।सपा-बसपा गठबंधन के बाद अब उनके झंडे भी एक हो गए हैं। इस झंडे में दो हिस्से हैं। एक लाल जो समाजवादी पार्टी के झंडे का एक रंग है और दूसरे हिस्से में नीला रंग है। हाथी के चुनाव निशान वाला नीला झंडा बीएसपी का है। इस झंडे पर मायावती और अखिलेश यादव की तस्वीर भी बनी हुई है। एसपी-बीएसपी के एक साथ वाले झंडे की उनके समर्थकों में काफी डिमांड है। बताया जा रहा है कि गठबंधनों के इतिहास में यह अप्रत्याशित हो सकता है, जब दोनों ही दलों ने अपने कार्यालय साझा करने और संयुक्त रैलियां आयोजित करने का फैसला किया है।
सूत्रों के मुताबिक सीटों पर प्रत्याशी उतारने और सूची जारी करने की भी चर्चा की गई। खास बात यह है कि अखिलेश यादव अपने कोटे के 11 प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुके हैं, जबकि बसपा की सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। बसपे ने न उसका खंडन किया है और न ही पुष्टी की है। अटकलें हैं कि इस सूची को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। संभव यह भी है कि दोनों नेता अपनी अपनी कुछ सीटों पर बदलान भी कर सकते हैं।