द पॉलिटिक्स अगेन
अब नहीं चलेगा ‘आजादी’ का बहाना: अमित शाह
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के संबोधन में राष्ट्रवाद को लेकर चल रहे विवाद का मुद्दा हावी रहा और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीजेपी देश के खिलाफ आलोचना को सहन नहीं करेगी, देशविरोधी नारे लगाने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बहाना नहीं चलेगा।
शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विपक्षी पार्टी का इरादा यह है कि मोदी सरकार काम नहीं करे। उन्होंने ‘भ्रष्टाचार मुक्त शासन’ और ‘वंशवाद मुक्त नेतृत्व’ प्रदान करने और लोगों को स्थिरता एवं उम्मीद देने के लिए मोदी सरकार की तारीफ की।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सरकार की आलोचना के संदर्भ में वाम दलों और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि माओवाद और स्टालिन के ‘समर्थक’ इस बारे में बात कर रहे हैं। शाह के संबोधन के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि बीजेपी अध्यक्ष ने सरकार के कई ‘जन हितैषी’ कदमों खासकर बजट के बारे में बात की, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय नीतियों के लिए परिवर्तनकारी करार दिया।
बीजेपी अध्यक्ष के संबोधन में राष्ट्रवाद का मुद्दा प्रमुख रहा और उन्होंने जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी को जायज ठहराए जाने’ को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा।
शाह ने कहा है कि जेएनयू में भारत की बर्बादी के नारे लगाए गए। राहुल गांधी वहां गए और इन नारों के बारे में कुछ नहीं कहा बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर उन लोगों को उचित ठहराने का प्रयास किया। उन्होंने कहा है कि बीजेपी पार्टी, किसी व्यक्ति या सरकार की आलोचना का स्वागत करती है, लेकिन हम देश की आलोचना बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बीजेपी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूरा सम्मान करती है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्र विरोधी गतिविधि को उचित नहीं ठहराया जा सकता। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। ‘भारत माता की जय’ के नारे को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस नारे को लगाते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने वषरें बाद इसको लेकर विवाद हो रहा है।
उन्होंने कहा कि 99 फीसदी लोग इस नारे को लगाने के समर्थक हैं और पार्टी शेष लोगों को इसके लिए मनाएगी। बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘राजनीतिक कारणों और अहंकार’ के चलते जीएसटी विधेयक के रास्ते में अवरोध पैदा कर रही है।