द पॉलिटिक्स अगेन
राजा मानसिंह हत्याकांड 35 वर्ष बाद फैसला
- कोर्ट ने आरोपियों को आईपीसी की धारा 302, 148, 149 के तहत दोषी पाया
- कोर्ट ने डीएसपी कान सिंह भाटी सहित 11 पुलिसकर्मियों को दोषी माना है
राजस्थान के चर्चित राजा मान सिंह हत्या मामले में मथुरा स्थित सीबीआई कोर्ट ने 11 लोगों को दोषी ठहराया है. कोर्ट ने इसमें 3 लोगों को बरी कर दिया है. 35 साल बाद राजा मान सिंह, हरि सिंह और सुमेर सिंह हत्या मामले पर कोर्ट ने कुल 18 में से 11 आरोपियों को दोषी ठहराया है.
कोर्ट ने आरोपियों को आईपीसी की धारा 302, 148, 149 के तहत दोषी पाया है. अब सजा के मामले में कोर्ट कल सुनवाई करेगी. मथुरा की जिला जज साधना रानी इस मामले में कल सजा सुनाएंगी. इसमें कई पुलिसकर्मी दोषी थे जिसमें सीबीआई ने कोर्ट में 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चालान पेश किया था. उनमें से चार की मौत हो गई और तीन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया. कोर्ट ने डीएसपी कान सिंह भाटी सहित 11 पुलिसकर्मियों को दोषी माना है.
दरअसल भरतपुर राजपरिवार के सदस्य राजा मान सिंह जो डीग से 7 बार निर्दलीय विधायक रहे, लेकिन यह घटना तब घटित हुई जब राजा मान सिंह के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने एक सेवानिवृत्त आईएएस ऑफिसर विजेंद्र सिंह को उनके सामने टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा. 20 फरवरी 1985 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजा मान सिंह के पोस्टर झंडे और बैनर फाड़ दिए थे. इससे मान सिंह काफी नाराज हो गए थे.