TPA
#1 Group of Newspaper & News Portal

बच्चों को देश व संस्कृति के बारे में शिक्षा दें: मोहनलाल –

0

भारत की मौत के बाद हम कैसे जिंदा रह सकते हैं? मलयालम अभिनेता मोहनलाल ने अपने हालिया ब्लॉग को यही शीर्षक दिया है जो उन्होंने जेएनयू विवाद पर लिखा।

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मोहनलाल के अनुसार, ऐसी कोई बहस, चर्चा और हड़ताल, जिसका देश के विकास में योगदान नहीं है, वह राष्ट्र का अपमान है। अभिनेता ने लिखा, माता-पिता अपने बच्चों को देश और संस्कृति के बारे में शिक्षा दें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें भारत के खिलाफ नारे नहीं लगाना है। हर अभिभावक को अपने बच्चे को “एक पत्र बेटी को पिता का”, का उपहार देना चाहिए, तब कोई भी बेटी या बेटा देश के खिलाफ मुहावरा नहीं गढ़ेगा।

उनके अनुसार, “सभी विचार, चर्चाएं और हड़ताल तभी उचित हैं, जब वे राष्ट्र की प्रगति, उसके विकास के लिए मार्ग प्रशस्त करें या देश की स्वतंत्रता को और मजबूत करते हों। मोहनलाल ने घर या दफ्‌तर में आराम से बैठ कर सुरक्षा बलों की निंदा करने वालों को आड़े हाथों लिया।