द पॉलिटिक्स अगेन
बैंकों में नोट बदलने में बड़ी गड़बड़ियां
बरेली : बैंकों के ऑडिट में नोट बंदी के दौरान हुए गोलमाल अब उजागर होने लगे है। कई गड़बड़ियां हाथ लग रही हैं। यही नहीं इन गड़बड़ियों पर ईडी की भी नजरें हैं। आठ नवंबर को पुराने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद बैंकों में तेजी से पुराने नोट जमा हुए। साथ ही निर्धारित सीमा के तहत बैंकों ने पुराने नोट बदले भी गए। बदलते वक्त कर्मचारियों ने नोटों की संख्या उसकी कीमत के अनुसार अपने सॉफ्टवेयर में चढ़ाया। बैंकों में चल रहे ऑडिट में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें बैंक कर्मियों ने नोट की संख्या ठीक से नहीं भरी। बैंक द्वारा दिनभर लोगों को बदले गए नोटों और सुबह कर्मचारियों को दी गई रकम में ज्यादा अंतर मिला है। साथ ही बैंक वाले ऑडिटर्स को पूरी सूचनाएं भी नहीं दे पा रहे हैं। कितने रुपये जमा हुए, कितना निकाले गए और कहां से आया पूछा जा रहा है। उनके सॉफ्टवेयर से जानकारी मिलने में दिक्कत हो रही है। सूत्रों के अनुसार ऑडिट को लेकर बैंक कर्मचारियों में खलबली मची है।
बरेली : बैंकों के ऑडिट में नोट बंदी के दौरान हुए गोलमाल अब उजागर होने लगे है। कई गड़बड़ियां हाथ लग रही हैं। यही नहीं इन गड़बड़ियों पर ईडी की भी नजरें हैं। आठ नवंबर को पुराने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद बैंकों में तेजी से पुराने नोट जमा हुए। साथ ही निर्धारित सीमा के तहत बैंकों ने पुराने नोट बदले भी गए। बदलते वक्त कर्मचारियों ने नोटों की संख्या उसकी कीमत के अनुसार अपने सॉफ्टवेयर में चढ़ाया। बैंकों में चल रहे ऑडिट में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें बैंक कर्मियों ने नोट की संख्या ठीक से नहीं भरी। बैंक द्वारा दिनभर लोगों को बदले गए नोटों और सुबह कर्मचारियों को दी गई रकम में ज्यादा अंतर मिला है। साथ ही बैंक वाले ऑडिटर्स को पूरी सूचनाएं भी नहीं दे पा रहे हैं। कितने रुपये जमा हुए, कितना निकाले गए और कहां से आया पूछा जा रहा है। उनके सॉफ्टवेयर से जानकारी मिलने में दिक्कत हो रही है। सूत्रों के अनुसार ऑडिट को लेकर बैंक कर्मचारियों में खलबली मची है।